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जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी : केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर

– निर्माण कार्यों के भुगतान से पहले मौके पर भौतिक सत्यापन जरूरी

– ग्रेटर फरीदाबाद में सड़क, पेयजल, सीवर और स्ट्रीट लाइट से जुड़े लंबित कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश

– कचरा उठाने के साथ उसके वैज्ञानिक प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाने पर जोर, विभिन्न क्षेत्रों में बनेंगे प्रोसेसिंग प्लांट

– दिल्ली-फरीदाबाद मार्ग पर सौंदर्यीकरण, पौधारोपण और सर्विस रोड कार्यों की केंद्रीय राज्यमंत्री ने की समीक्षा

– पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी और यू-टर्न व्यवस्था को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों से मांगी कार्ययोजना

– पेयजल, जलभराव, सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट व निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

फरीदाबाद, 29 सितंबर।
जिला फरीदाबाद में आज जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक का आयोजन लघु सचिवालय सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता फरीदाबाद लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने की। बैठक में पूर्व एनआईटी 86 विधायक सतीश फागना और पृथला विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, जिला परीक्षा चेयरमैन विजय सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभिन्न एजेंडों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसमें योजनाओं के बजट व्यय, लाभार्थियों तक पहुंच, जमीनी प्रभाव और पारदर्शिता को प्रमुखता से लिया गया।

बैठक में शहर में जलभराव की समस्या को लेकर विभिन्न स्थानों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर पाइपलाइन, पंप तथा ड्रेनेज संबंधी कार्य किए गए हैं, जिससे जलभराव की स्थिति में सुधार हुआ है। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने निर्देश दिए कि केवल अस्थायी समाधान के बजाय जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को नालों, ड्रेनेज सिस्टम और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

बैठक में एनआईटी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों से विभिन्न क्षेत्रों में पानी की मांग और उपलब्ध आपूर्ति का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी क्षेत्र को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से विधानसभा एवं जनसंख्या के अनुसार मांग-सप्लाई का आंकड़ा तैयार करने तथा जहां आवश्यकता है वहां अतिरिक्त बूस्टर, पाइपलाइन और वितरण व्यवस्था को आपस में समन्वित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ उसकी प्रभावी वितरण व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सेक्टर-28 में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों, फुटपाथ, मैनहोल, ग्रिल एवं लाइटों की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली और निर्देश दिए कि विकास कार्यों के बाद क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सुविधाओं को भी निर्धारित मानकों के अनुसार बहाल किया जाए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से कार्य पूरा करने को कहा।

बैठक में सेक्टर-28 सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास एवं स्मार्ट सिटी से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विकास कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त फुटपाथ, ग्रिल, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत और पुनर्स्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास परियोजना के कारण नागरिक सुविधाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए और कार्य पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से बहाल किया जाए।

केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सीवरेज और अतिक्रमण से संबंधित समस्याओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य मार्गों तथा सर्विस रोड पर अतिक्रमण को हटाया जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए

केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने जलभराव की समस्या की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने NHAI सहित संबंधित एजेंसियों द्वारा जल निकासी के लिए किए गए कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर पाइप लाइन एवं पंप की व्यवस्था की गई है, जिससे जलभराव की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी व्यवस्था तक सीमित न रहते हुए जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए तथा सड़क और सर्विस रोड को भी निर्धारित समय में दुरुस्त किया जाए।

वाईएमसीए रोड से इंदिरानगर की ओर जलभराव की समस्या पर भी केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट ली। उन्होंने जल जीवन मिशन सहित विभिन्न विकास कार्यों में सड़कों एवं पाइपलाइन की बहाली की स्थिति की समीक्षा की। श्री गुर्जर ने निर्देश दिए कि निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की वीडियोग्राफी तथा फोटोग्राफी करवाई जाए और भुगतान से पहले संबंधित अधिकारी द्वारा मौके पर भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि भौतिक सत्यापन के बाद ही कार्य की गुणवत्ता एवं पूर्णता सुनिश्चित करते हुए भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी तथा विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित यू-टर्न के संबंध में भी बैठक में चर्चा हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री ने बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए संबंधित एजेंसियों को यातायात व्यवस्था का अध्ययन कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यू-टर्न, स्लिप रोड, जल निकासी, सफाई और सड़क व्यवस्था को एक साथ ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए, ताकि यातायात सुचारू रहे और आमजन को परेशानी न हो।

दिल्ली-फरीदाबाद मार्ग एवं एक्सप्रेसवे क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, पौधारोपण एवं अतिक्रमण हटाने के कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री गुर्जर ने कहा कि जिन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां सड़क किनारे हरित पट्टी एवं अन्य सौंदर्यीकरण कार्य निर्धारित योजना के अनुसार किए जाएं। उन्होंने मलबे के उचित निस्तारण एवं पुनर्स्थापन की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। साथ ही सर्विस रोड निर्माण, ग्रिल एवं गेट लगाने तथा अवैध आवागमन को रोकने के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले में ठोस कचरा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से पूछा कि प्रतिदिन एकत्रित होने वाले कचरे के निस्तारण एवं प्रोसेसिंग की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। उन्होंने कहा कि केवल कचरा उठाने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके वैज्ञानिक एवं नियमित प्रसंस्करण की क्षमता भी विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने उपलब्ध प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विकेंद्रीकृत स्तर पर प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरा प्रबंधन के लिए जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए।

दिशा बैठक के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने विभिन्न विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण एवं तकनीकी प्रकृति के कार्यों में निर्णय लेने से पहले सेकंड लेवल ओपिनियन भी लिया जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता एवं तकनीकी पहलुओं की समुचित जांच सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने उपायुक्त आयुष सिन्हा को केंद्रीय विद्यालय के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में पार्क के लिए भी उपयुक्त एवं आमजन की पहुंच वाली भूमि को चिन्हित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बड़खल लेक में संबंधित कार्य को हैंडओवर करने से पहले लंबित समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो।

बैठक में गंगा वाटर सप्लाई से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर ने ने संबंधित अधिकारियों से मुख्यमंत्री स्तर पर निर्धारित बैठक एवं कार्ययोजना की जानकारी लेते हुए आवश्यक समन्वय के साथ कार्य को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अमृता मास्टर रोड के दोनों साइड सर्विस रोड के रूप में विकसित करने तथा इसके दोनों ओर योजनाबद्ध तरीके से पौधारोपण करवाने की कार्ययोजना पर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में अतिक्रमण, सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल एवं सीवर व्यवस्था की समीक्षा करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर ने लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब स्ट्रीट लाइटों की शीघ्र मरम्मत तथा पेयजल आपूर्ति से जुड़े वाल्व, पाइपलाइन एवं अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। सीवर एवं एसटीपी कार्यों में गुणवत्ता की तकनीकी जांच, पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में आवश्यक कानूनी राय और दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार समाधान निकालने को कहा।

ग्रेटर फरीदाबाद में पार्क के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान, सेक्टर-31 के विकास कार्यों, सीवर लाइन एवं मैनहोल की तकनीकी गुणवत्ता तथा बार-बार सड़क क्षतिग्रस्त होने की समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश भी दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग से पुराने बिजनेस कॉम्प्लेक्स एवं रेलवे स्टेशन मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के साथ स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने तथा सरकारी भवनों में नमी एवं पानी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा। बैठक के अंत में उन्होंने सभी विभागों को लंबित कार्य प्राथमिकता से पूरा कर नियमित प्रगति एवं अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सीईओ एफएमडीए पी एस मीणा, डीसी आयुष सिन्हा, एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम गौरव अंतिल, सीईओ जिला परिषद शिखा, बड़खल एसडीएम त्रिलोक चंद, एसडीएम फरीदाबाद डॉ हनी बंसल, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, डीसीपी सेन्ट्रल राजेश मोहन, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य सभी विभागों के संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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