वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी विभाग निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करें : डीसी आयुष सिन्हा
वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी विभाग निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करें : डीसी आयुष सिन्हा
– प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
– पौधरोपण, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन और हरित क्षेत्र विकसित करने पर विशेष जोर
– शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म एक्शन प्लान के तहत किए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश
फरीदाबाद, 16 अक्टूबर।
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने विभिन्न विभागों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करें और प्रत्येक कार्य की प्रगति से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
बैठक में निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) के संग्रहण, परिवहन और निस्तारण से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। डीसी आयुष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन एकत्र किए जा रहे अपशिष्ट की मात्रा, उसके निस्तारण की व्यवस्था तथा उपलब्ध प्रसंस्करण सुविधाओं से संबंधित विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़कों और खुले स्थानों पर मलबा जमा होने से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके।
डीसी आयुष सिन्हा ने निर्माण स्थलों पर धूल एवं प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित मानकों की पालना सुनिश्चित की जाए। संबंधित विभाग निर्माण स्थलों पर लागू नियमों के अनुपालन की जांच करें और जहां भी कमियां पाई जाएं, वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में छोटे भूखंडों पर हरित क्षेत्र विकसित करने और पौधरोपण से संबंधित प्रावधानों की पालना की भी समीक्षा की गई। डीसी आयुष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन निर्माण की अनुमति से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित मानकों के दायरे में आने वाले भूखंडों की पहचान की जाए। ऐसे मामलों में हरित क्षेत्र विकसित करने से संबंधित नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता के अनुसार संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से नोटिस जारी करने तथा अनुपालन सुनिश्चित किए जाने से संबंधित आंकड़े भी उपलब्ध करवाने को कहा।
पौधरोपण अभियान की समीक्षा करते हुए डीसी आयुष सिन्हा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित लक्ष्य, अब तक किए गए पौधरोपण, पौधों की प्रजातियों और पौधरोपण स्थलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय जलवायु के अनुकूल और टिकाऊ प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाए। पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और उनके जीवित रहने की स्थिति की निगरानी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म एक्शन प्लान के तहत किए जा रहे कार्यों की अलग-अलग समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तत्काल प्रभाव से किए जा सकने वाले उपायों के साथ-साथ यातायात जाम और प्रदूषण से जुड़े स्थायी समाधान पर भी ध्यान दिया जाए। जिन स्थानों पर यातायात जाम की समस्या बनी रहती है, वहां संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। दीर्घकालिक योजनाओं में आवश्यक इंजीनियरिंग सुधार, यातायात प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित उपायों को शामिल किया जाए।
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसके लिए सभी संबंधित विभाग अपने लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें, कार्यों की प्रगति से संबंधित सटीक आंकड़े उपलब्ध करवाएं और निर्धारित दिशा-निर्देशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता के लिए केवल कार्ययोजना तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
समीक्षा बैठक में सीईओ जिला परिषद शिखा, आरटीए सचिव मुनीश सहगल, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

