सूरजकुंड मेले में मासूम कॉरपेट लेकर आए हैं बधोई उत्तर प्रदेश का फेमस कॉरपेट
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 08 फरवरी। सूरजकुंड में चल रहे 37 वें अंरतराष्टï्रीय शिल्प मेला में इस बार मासूम कॉरपेट से मोहम्मद तलीम बधोई का फेमस कॉरपेट लेकर आए हैं। मेला ग्राऊंड में मुख्य चौपाल के पास लगाई गई स्टाल पर उत्तर प्रदेश के बधोई का हाथ से तैयार कॉरपेट व डोर मैट आकर्षण का केन्द्र बने हुए है।
बधोई उत्तर प्रदेश से आए मौहम्मद तलीम का कहना है कि राजा-महाराजा के समय से तैयार किए जा रहे उनके कॉरपेट लम्बे समय से देश के प्रत्येक राज्य में घरों की शोभा बढाते आ रह हैं। उनके द्वारा ईरानियन, सिलकी, वूलन सहित अनेक प्रकार के हैंडमेड कॉरपेट तैयार किए जाते हैं, जो घर की सुंदरता बढाते हैं। मेले में घूमने आए नागरिक 500 रुपए से 40 हजार रुपए तक की कीमत के यह हैंडमेंड कॉरपेट खरीद सकते है। इसी प्रकार उनके द्वारा तैयार डोरमेट मात्र 100 रुपए में खरीदा जा सकता हैं।
फोटो परिचय–सूरजकुंड–01–। सूरजकुंड मेले में लगाई गई स्टाल पर कॉरपेट दिखाते हुए बधोई उत्तरप्रदेश से आए मोहम्मद तलीम।
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सूरजकुंड मेला ग्राऊंड के गेट नंबर एक के पास बच्चों के साथ कर सकते हैं चांद-तारा की सवारी
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 08 फरवरी। सूरजकुंड में चल रहे 37 वें अंरतराष्टï्रीय हस्त शिल्प मेला में इस बार रमेश राठी बच्चों के लिए 20 प्रकार के मनमोहक झूले लेकर आए हैं। उनके झूलों में इस बार मनोरंजन के लिए मारूति सर्कस को भी शामिल किया गया है। मारूति सर्कस में कार सवार द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए जाते हैं, जो बच्चों के साथ-साथ नौजवानों और बुर्जुर्गों को भी बहुत भा रहा है।
आप मेला घूमने आए हैं, तो मेला ग्राऊंड के गेट नम्बर एक के पास लगाए गए झूलों में मारूति सर्कस के अलावा सलमेवा, रेन्जर, बे्रक डांस झूला, कोलम्बस झूला, ड्रेगन, जहाज, नैनो, छोटा कोलम्बस, ईलैक्ट्रिक कार, तीरा, छोटी ट्रेन, जहाज व चांद तारा की भी सवारी कर सकते हैं।
चांद-तारा की सवारी
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 08 फरवरी। सूरजकुंड में चल रहे 37 वें अंरतराष्टï्रीय हस्त शिल्प मेला में इस बार रमेश राठी बच्चों के लिए 20 प्रकार के मनमोहक झूले लेकर आए हैं। उनके झूलों में इस बार मनोरंजन के लिए मारूति सर्कस को भी शामिल किया गया है। मारूति सर्कस में कार सवार द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए जाते हैं, जो बच्चों के साथ-साथ नौजवानों और बुर्जुर्गों को भी बहुत भा रहा है।
आप मेला घूमने आए हैं, तो मेला ग्राऊंड के गेट नम्बर एक के पास लगाए गए झूलों में मारूति सर्कस के अलावा सलमेवा, रेन्जर, बे्रक डांस झूला, कोलम्बस झूला, ड्रेगन, जहाज, नैनो, छोटा कोलम्बस, ईलैक्ट्रिक कार, तीरा, छोटी ट्रेन, जहाज व चांद तारा की भी सवारी कर सकते हैं।
फोटो परिचय–सूरजकुंड–02,03–। सूरजकुंड मेले में गेट नंबर एक के पास लगाए गए झूले।
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खोया पाया बूथ मेले में बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने का कर रहा है भरपूर सहयोग
-अब तक एक दर्जन से ज्यादा बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिला चुका है खोया पाया बूथ
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 08 फरवरी। हरियाणा टूरिज्म की ओर से 37 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में मुख्य चौपाल के पीछे गेट नंबर-1 की ओर स्थापित किया गया खोया पाया बूथ मेले में बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने में काफी मददगार साबित हो रहा है। पलक मेहरा इस खोया पाया बूथ की अनाउंसर है, जो मेले में अपने परिजनों से बिछड़े लोगों को मिलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहीं हैं। अगर कोई व्यक्ति सूरजकुंड मेले में घूमने के दौरान अपनों से बिछुड जाने के बाद इस अनाउंसमेंट बूथ पर जाकर अपने परिजनों से मिलने की एनाउंसमेंट करवाते हैं। खोया पाया बूथ बिछुडे हुए व्यक्ति की सहायता के लिए उसकी संबंधित जानकारी पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से तुरंत अनाउंस की जाती है और बिछुडे हुए व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलाया जाता है। यह बूथ अब तक करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को मेले में बिछुडने के पश्चात अपनों से मिलवाने में सहायता कर चुका है।
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अपनों से बिछुड़ों को मिला रहा है अनाउंसमेंट बूथ
खोया पाया बूथ की अनाउंसर पलक मेहरा ने बताया कि फरीदाबाद सेक्टर-46 निवासी 16 वर्ष के आर्यांश, फरीदाबाद निवासी 12 वर्ष के संजय, गोधा निवासी 15 वर्ष की गुडिय़ा, सैनिक कॉलोनी फरीदाबाद की रहने वाली 21 वर्षिय निर्मला जैसवाल, दिल्ली के महिपालपुर के रहने वाले 36 वर्षिय श्याम, द्वारका में रहने वाले 64 वर्ष के नस्रूद्दीन, गोढाली की बनानी और वीना, 54 वर्षीय सुरेश गौतम, फरीदाबाद के 15 वर्षिय अभिनेय व अरोन, जींद जिला के जुलाना निवासी 36 वर्षिय मनोज, जवां की रहने वाली 36 वर्षिय महिला बूलर और पलवल की विधि को मेले में अपनों से बिछुडने पर खोया पाया बूथ ने उनके परिजनों से मिलाने में सहायता की है।
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अपनों से बिछुड़ों को मिला रहा है अनाउंसमेंट बूथ
खोया पाया बूथ की अनाउंसर पलक मेहरा ने बताया कि फरीदाबाद सेक्टर-46 निवासी 16 वर्ष के आर्यांश, फरीदाबाद निवासी 12 वर्ष के संजय, गोधा निवासी 15 वर्ष की गुडिय़ा, सैनिक कॉलोनी फरीदाबाद की रहने वाली 21 वर्षिय निर्मला जैसवाल, दिल्ली के महिपालपुर के रहने वाले 36 वर्षिय श्याम, द्वारका में रहने वाले 64 वर्ष के नस्रूद्दीन, गोढाली की बनानी और वीना, 54 वर्षीय सुरेश गौतम, फरीदाबाद के 15 वर्षिय अभिनेय व अरोन, जींद जिला के जुलाना निवासी 36 वर्षिय मनोज, जवां की रहने वाली 36 वर्षिय महिला बूलर और पलवल की विधि को मेले में अपनों से बिछुडने पर खोया पाया बूथ ने उनके परिजनों से मिलाने में सहायता की है।
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खोया पाया बूथ पर यह लोग कर रहे हैं कार्य
पब्लिक अनाउंटमेंट सिस्टम से जुड़े खोया पाया के बलराम, मेघनाथ, कविता, प्रोमिला और पुष्पा के अलावा महेंद्र, श्याम शुक्ला मेले में बिछुड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में बेहतर कार्य कर रहे हैं। मेला परिसर के अलावा सभी पार्किंग स्थलों में 139 होर्न लगाए गए हैं, जो पूरा मेला परिसर में अनाउंसमेंट के माध्यम से खोया पाया की जानकारी के साथ-साथ सूरजकुंड मेला से संबंधित अन्य जानकारी पर्यटकों को उपलब्ध करवाते हैं।
फोटो परिचय–सूरजकुंड–04,05,06,07,08,09–। खोया पाया बूथ पर अनाउंसमेंट करते हुए पलक मेहरा।

