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उप्र और बिहार उपचुनाव में औसत मतदान

उत्तर प्रदेश और बिहार में हुए लोकसभा उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत कम रहा । इन सीटों पर हुए मतदान को आगामी आम चुनावों से पहले भाजपा के लिए एक इम्तहान माना जा रहा है ।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एवं फूलपुर तथा बिहार के अररिया लोकसभा क्षेत्र में आज मतदान हुआ है ।

उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि गोरखपुर में47 फीसदी मतदाताओं ने जबकि फूलपुर में38 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया ।

राज्य के संयुक्त निर्वाचन के अधिकारी आर सी राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दोनों सीटों के लिए कुल42 फीसदी मतदान हुआ।

दूसरी ओर बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय वी नायक ने बताया कि अररिया लोकसभा के लिए हुए उपचुनाव में57 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया ।

बिहार की भभुआ और जहानाबाद विधानसभा सीटों के लिए कराये गए उपचुनाव में क्रमश: 54.03 फीसदी तथा50.06 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया ।

उत्तर प्रदेश के एक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत मिली लेकिन मतदान प्रभावित हुए बिना मशीनों को तत्काल बदल दिया गया ।

उत्तर प्रदेश में इस हाई प्रोफाइल उपचुनाव में अपेक्षा से कम मतदान के बारे में मतदाताओं में निर्वाचन के प्रति उत्साह की कमी बताया गया है क्योंकि अब उन्हें अगले साल होने वले आम चुनाव का इंतजार है ।

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने और केशव प्रसाद मौर्य के उप मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव की जरूरत पड़ी थी ।

गोरखपुर में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा को चौतरफा समर्थन मिल रहा है ।‘‘ लोगों को पता है कि विकास ही एक मात्र रामबाण है ।’’

योगी ने इस उपचुनाव को2019 के लोकसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास करार दिया था । इस चुनाव में भाजपा, सपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है ।

भगवा पार्टी ने फूलपुर से कौशलेंद्र सिंह पटेल तथा गोरखपुर से उपेंद्र दत्त शुक्ल को उम्मीदवार बनाया है जबकि इन दोनो सीटों पर समाजवादी पार्टी ने क्रमश: परवीन निशाद तथा नागेंद्र प्रताप सिंह मैदान में है । कांग्रेस ने इन दोनो सीटों पर भाजपा और सपा उम्मीदवारों के सामने क्रमश: मनीष मिश्र एवं सुरीथा करीम को खड़ा किया है ।

बिहार में सत्तारूढ भाजपा जदयू गठबंधन तथा विपक्षी राजद कांग्रेस गठबंधन अररिया लोकसभा सीटों पर और दो विधानसभा क्षेत्र में आमने सामने हैं ।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले साल महागठबंधन तोड़ कर भाजपा की अगुवाई वाली राजग में शामिल होने के बाद प्रदेश में पहली बार मतदान हुए हैं ।

बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा है ।

अररिया से राजद सांसद मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद यह इस सीट पर उप चुनाव कराया गया है । इस सीट पर यहां लडाई मुख्य रूप से राजद और भाजपा के बीच है । राजद ने तसलीमुद्दीन के बेटे सरफराज आलम को मैदान उतारा है जबकि भाजपा ने प्रदीप सिंह को खड़ा किया है । प्रदीप यहां से2009 में चुनाव जीत चुके हैं जबकि2014 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था ।

दूसरी ओर जहानाबाद और भभुआ के मौजूदा विधायकों के निधन के बाद यहां मतदान कराया गया है । जहानाबाद सीट पर राजद का कब्जा था और यहां से दिवंगत विधायक मुंद्रिका यादव के बेटे कृष्ण मोहन राजद के टिकट पर मैदान में हैं जबकि भभुआ से भाजपा ने दिवंगत विधायक आनंद भूषण पांडे की पत्नी रिंकी रानी को मैदान में उतारा है ।

आज हुए मतदान के लिए मतों की गिनती का काम14 मार्च को होगा।

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