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सीलिंग मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दिल्ली में हालात सुधारने में काफी देर हो चुकी है

राजधानी दिल्ली में सीलिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने विशेष टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में मौजूदा स्थिति अपरिवर्तनीय है. कोर्ट ने कहा कि सीलिंग के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण, जल संकट और यातायात जाम जैसी अनगिनत समस्याओं से निपटने के लिये अधिकारियों को भरपूर प्रयास करना होगा. दिल्ली में अनधिकृत निर्माण की चल रही सीलिंग से संबंधित मामलों की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि हालात को सुधारने के लिए शायद काफी देरी हो चुकी है , लेकिन दिल्ली सरकार समेत अधिकारियों को सकारात्मक तरीके से सभी कदम उठाने होंगे.

न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि शायद हालात ऐसे बन गए हैं , जिन्हें बदला नहीं जा सकता है. प्रदूषण,पानी, यमुना का जल स्तर और यातायात जाम जैसी हमारे सामने समस्याएं हैं. हो सकता है इसे बदला न जा सके. अगर प्रयास किए गए तो चीजें बदलेंगी. पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार को भी सकारात्मक तरीके से कदम उठाने की जरूरत है. कोर्ट ने डीडीए से इन पहलुओं पर सकारात्मक तरीके से विचार करने को कहा.  पीठ ने कहा कि यह सब किसके लिए हो रहा है.

यह दिल्लीवासियों के लिए हो रहा है और चीजें इसी तरह से चलती रहीं तो कुछ भी नहीं होगा. आप यमुना नदी को देखें. पानी नहीं है. अगर आप यह नहीं करेंगे तो हम अपना समय बर्बाद करेंगे. शीर्ष अदालत ने डीडीए से भी पूछा कि अगर शीर्ष अदलत ने अवैध निर्माण को सील किए जाने से रोकने वाले कानून को निरस्त कर दिया तो क्या उसने कोई प्लान बी तैयार किया है.
पीठ ने कहा कि अगर न्यायालय इन्हें निरस्त कर देता है तो दिल्ली के मास्टर प्लान -2021 में संशोधन निरर्थक हो जाएंगे. पीठ ने इससे पहले मास्टर प्लान -2021 में संशोधन में किसी भी प्रगति पर रोक लगा दी थी.

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