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IPL 2008, DD vs CSK: इस बड़ी कमजोरी के चलते पृथ्वी शॉ की गाड़ी बार-बार ट्रैक से उतर रही!

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट की नई सनसनी पृथ्वी शॉ ने अपने तेवरों से दुनिया भर को दिखा दिया कि भारत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट एक और बड़ा सितारा देने के लिए तैयार है!  अपनी कप्तानी में पिछले दिनों अंडर-9 विश्व कप जिताने वाले पृथ्वी शॉ ने दिखाया कि उन्हें दुनिया के नामी-गिरामी गेंदबाजों को जवाब देना भी बखूबी आता है. लेकिन इसी दौरान पृथ्वी शॉ की बल्लेबाजी में एक बड़ी खामी भी निकलकर आई है. और इसे विरोधियों ने बहुत ही अच्छी तरह पढ़ लिया है. वास्तव में पृथ्वी के पास चेन्नई के खिलाफ (मैच प्रिव्यु) आलोचकों को जवाब देना का अच्छा मौका है.

शनिवार के मैच को मिलाकर दिल्ली डेयर डेविल्स के पास अभी दो मैच और बाकी बचे हैं. और ऐसे में पृथ्वी शॉ पर क्रिकेटप्रेमियों की निगाहें बराबर लगी हुई हैं. और पृथ्वी शॉ को इन बचे दोनों मैचों इन लोगों का तो दिल जीतना ही होगा, बल्कि आलोचकों को भी जवाब देना होगा. पृथ्वी शॉ ने अभी तक खेले 7 मैचों में 30.85 के औसत से 216 रन बनाकर दिखाया कि वह बड़े मंच पर भी सहजता से रन बना सकते हैं. वास्तव में उनका औसत कई बड़े नामों से बेहतर है. लेकिन आगे उन्हें अपनी खामी पर भी काम करना होगा.

पृथ्वी जब चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे, तो चेन्नई सुपर किंग्स का मैनेजमेंट उनके खिलाफ बखूबी प्लान तैयार कर चुका होगा. और इस प्लान का जवाब देने का अंदाज ही आगे उनके कद और काबिलियत को बयां करेगा. कप्तान धोनी के सटीक तीरों से बचना पृथ्वी के लिए बिल्कुल भी आसान होने नहीं जा रहा. यह साफ हो चुका है कि पृथ्वी तेज गेंदबाजों को बहुत ही कॉन्फिडेंस के साथ खेलते हैं, लेकिन स्पिनरों के सामने आते ही उनकी परेशानियां बढ़ जाती हैं. कम से कम अभी तक के आंकड़े तो यही बता रहे हैं कि गेंदबाज विशेष के खिलाफ रन बनाना उनके लिए खासा मुश्किल होता है. आंकड़े पूरी तरह से इस बात की चुगली कर रहे हैं.

आपको बता दें कि अपनी सात पारियों में पृथ्वी शॉ को पांच बार स्पिनरों ने आउट किया है. और इसमें भी वह चार बार लेग स्पिनर का शिकार हुए. अब जहां तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका औसत 77.50 है, तो वहीं स्पिनरों के खिलाफ पृथ्वी सिर्फ 12.20 के औसत से ही रन निकाल सके हैं.

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