बुधवार को सास्कृतिक कार्यक्रमों के नाम रही सूरजकुंड मेले की मुख्य चौपाल
-देशी व विदेश के कलाकारों ने अपनी कला के हुनर से जमाया रंग
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 07 फरवरी। 37 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले की मुख्य चौपाल बुधवार को सांस्कृतिक कायर्कक्रमों के नाम रही। देश-विदेश से आए कलाकारों ने अपने रहन-सहन, खुशहाली व संस्कृति की समृद्ध विरासत को गीत-संगीत और नृत्य के संगम के साथ पर्यटकों के समक्ष प्रदर्शित किया। सभी कलाकारों ने गीत-संगीत व नृत्य कला के माध्यम से मेले की मुख्य चौपाल पर जमकर रंग बरसाया। कलाकारों ने अपने देश की मिट्टी की सुगंध को अपनी गायन व नृत्य शैली से मुख्य चौपाल पर बैठे पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन किया। उड़ीसा के संबलपुर ट्रैवल एंड फोक आर्ट सेंटर ग्रुप ने आदिवासी डांस की मनमोहक प्रस्तुति दी। यह आदिवासी डांस उडीसा में पारंपरिक शादी विवाह के समय में किया जाने वाला नृत्य है। वहीं राजस्थान के कलाकारों ने शानदार चकरी नृत्य कर मुख्य चौपाल पर बैठे सभी पर्यटकों का मन मोह लिया।
बॉक्स:-
यह रही विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियां
बुधवार को सूरजकुंड मेला की बङी चौपाल पर आयोजित सास्कृतिक कार्यक्रमों में युगांडा देश के कलाकारों ने पुरुष ड्रम के साथ रॉयल डांस की मनहारी प्रस्तृति दी। वहीं दूसरी ओर मालावी देश के कलाकारों द्वारा कुंजू विमबूजा की शानदार प्रस्तुति पेश की गई। कुंजू विमबूजा डांस मालावी देश का खुशहाली के मौके पर किया जाने वाला नृत्य है। जिम्बॉब्वे के कलाकारों ने टूआरामज्जा रामज्जा-रामज्जा टूआरामज्जा गीत के साथ मंवाडा डांस की सुंदर प्रस्तुति दी। जांबिया के कलाकारों ने सेपेलू मक्वासा और टोंबोसा नृत्य कर पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। यह कलाकार आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश नृत्य द्वारा दे रहे हैं। बोस्तवाना देश के कलाकारों ने पीटीसी नृत्य द्वारा अपने परिवार की खुशी के लिए पूर्वजों के सम्मान में धन्यवाद रूपी नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात घाना देश के कलाकारों द्वारा गाजू नृत्य और कोमोरोस के कलाकारों द्वारा दी गई सांबे डांस की प्रस्तुति ने मेले की मुख्य चौपाल पर रंग जमा दिया।
फोटो परिचय–सूरजकुंड–17,18,19,20,21,22,23,24,25,26,27,28,29,30,31–।
000
सूरजकुंड मेले में रोजाना 30 लाख रुपए तक का लेनदेन करवा रहा है भारतीय स्टेट बैंक : डीसी विक्रम सिंह
-एसबीआई की दो एटीएम मशीनों व एक्सटेंशन काउंटर से पर्यटक कर रहे हैं ट्रांजेक्शन
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 07 फरवरी। डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि 37 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में पर्यटकों और व्यापारियों के लिए ऑनलाइन पैमेंट के अलावा प्रतिदिन लगभग 30 लाख रुपए तक की धनराशि का कैश के रूप में लेनदेन हो रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार जिला प्रशासन ने सूरजकुंड मेले में स्टेट बैंक का एक एक्सटेंशन काउंटर और दो एटीएम मशीनों को स्थापित करने की व्यवस्था की हुई है। जहां पर्यटकों और व्यापारियों द्वारा प्रतिदिन लगभग 30 लाख रुपए तक की धनराशि का लेन देन किया जा रहा है।
भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक कुणाल भडाना ने बताया कि 37 वें सूरजकुंड अंतरराष्टï्रीय शिल्प मेले में कैश लेनदेन के अलावा क्रेडिट कार्ड से लेनदेन व बैंकिंग की सभी प्रकार की जानकारियां देश के विभिन्न प्रांतो से आए व्यापारियों और विदेशी पर्यटकों को दी जा रही है। इसके साथ-साथ उन्हें म्युचुअल फंड भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा पर्यटकों को कैश के लेन व देन की सुविधा भी एसबीआई के एक्सटेंशन काउंटर में दी जा रही है। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस काउंटर पर लगभग प्रतिदिन लगभग 20 लाख रुपए का लेनदेन हो रहा है। वहीं दो एटीएम मशीनों से प्रतिदिन लगभग 10 लाख रुपए की धनराशि की ट्रांजेक्शन की जा रही है। मेले में पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैश लेनदेन की व्यवस्था के दायित्व को जिला प्रशासन बखूबी निभा रहा है, ताकि पर्यटकों को सामान की खरीदारी से संबंधित किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न आए। उन्होंने बताया कि सूरजकुंड अंतरराष्टï्रीय शिल्प मेले में एटीएम की सुविधा प्रात: 10 बजे से सायं 7 बजे तक निरंतर जारी रहती है। वहीं एसबीआई का एक्सटेंशन काउंटर भी मेले के दौरान खुला रहता है, ताकि पर्यटकों अथवा व्यापारियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
फोटो परिचय–सूरजकुंड–32,33–।
000
तात्कालिक मुकाबले में ब्रेस्लिया और आरजे मुकाबले में वंदना ने बाजी मारी
-37वें सूरजकुंड मेले में जूनियर व सीनियर वर्ग की तात्कालिक और आर.जे. प्रतियोगिताएं आयोजित
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 07 फरवरी। सुरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला में चल रही विभिन्न प्रतियोगिताओं की श्रृंखला में बुधवार को जूनियर और सीनियर वर्ग की तात्कालिक और आर.जे. प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में अनेक शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाया।
तात्कालिक प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में सेंट एंटोनी सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-9 की ब्रेस्लिया आर्य ने प्रथम स्थान, रावल बाल शिक्षा केंद्र फरीदाबाद के विष्णु ने द्वितीय तथा सेंट एंथोनी सैकेंडरी स्कूल सेक्टर-9 की जिया भट्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरी ओर सीनियर वर्ग में आइडियल पब्लिक स्कूल की आशिमा ने पहला, इसी स्कूल की अतिका जुनैद ने दूसरा तथा रावल बाल शिक्षा केंद्र फरीदाबाद की परम कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
आर.जे. प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में रावल बाल शिक्षा केंद्र फरीदाबाद की वंदना ने प्रथम, सेंट एंथोनी सैकेंडरी स्कूल सेक्टर-9 के तनिष्क शर्मा ने दूसरा और रावल बाल शिक्षा केंद्र फरीदाबाद के परम ने तीसरा स्थान हासिल किया। सीनियर वर्ग के आर.जे. प्रतियोगिता में आइडियल पब्लिक स्कूल फरीदाबाद की अराध्य श्रीवास्तव ने प्रथम, सेंट एंथोनी सैकेंडरी स्कूल सेक्टर-9 की ब्रेस्लिया आर्य ने दूसरा तथा इसी स्कूल की जिया भट्ट ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र के साथ-साथ स्मृति चिन्ह देकर मौके पर सम्मानित भी किया गया।
फोटो परिचय–सूरजकुंड–34,35,36–।
000
37 वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-
बङी चौपाल की रंगारंग सांस्कृतिक संध्या गुजराती कलाकार अनिरूद्ध आहिर और एनटीन की टीम के नाम रही
-भगवान श्री राम, श्री कृष्ण और महादेव के भक्तियुक्त भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
-इंडियन और वेस्टर्न वाद्य यंत्रों के माध्यम से दी शानदार प्रस्तुतियां
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 07 फरवरी। मुख्य चौपाल पर बुधवार की शाम खुश्बू गुजरात की गुजराती फोक और हिन्दी भक्ति संगीत के भजनों के नाम रही। 37 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला की बङी चौपाल पर रंगारंग सांस्कृतिक संध्या गुजराती कलाकार अनिरूद्ध आहिर और एनटीन की टीम के नाम रही। जहां गुजराती कलाकारों ने भगवान श्री राम, श्री कृष्ण और महादेव के भक्ति मय भजनों से पर्यटकों और दर्शकों का मन मोह लिया।
गुजराती कलाकारों ने इंडियन और वेस्टर्न वाद्य यंत्रों के जरिए से मेले को भक्ति रस में डुबोकर चारो ओर भक्तिमय माहौल बना दिया। कलाकारों ने बड़ी चौपाल पर भक्ति रस से ओतप्रोत गीत मेरी झोपडी के भाग आज खुल जाएंगे, राम आएंगे… की प्रस्तुति को मधुर धुन में ऐसे पिरोया की दर्शक भगवान श्रीराम की भक्ति में डूब गए। मौका था 37 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की बड़ी चौपाल में बुधवार को आयोजित सांस्कृतिक संध्या का।
उल्लेखनीय है कि गत दो फरवरी से आगामी 18 फरवरी 2024 तक आयोजित किए जा रहे 37 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में देश के विभिन्न राज्य और करीब 50 देश भागीदार बन रहे हैं। थीम स्टेट गुजरात तथा पार्टनर देश तंजानिया व सांस्कृतिक पार्टनर अष्ट लक्ष्मी प्रांतों के द्वारा की जा रही है। भारतीय संगीत में आलौखिकता गायकी का संगम मिलता है। बुधवार के सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम में बोलो पङो रै हंस लो, आवणी यूणी नै आयो, आज म्हारो मन मोर बने…, नवरात्रा गरबा की धूम गुजरात में होती है जैसे सुंदर गीतों के साथ गरबा और डांस की प्रस्तुति जब गुजराती कलाकारों द्वारा दी गई तो दर्शक उनके साथ मंत्र मुग्ध हो कर गाने लगे। वहीं उच्चे उच्चे तेरे मन्दिर, हम सब करते हैं तेरा गुणगान…, नगर में जोगी आयो आ के अलख जगायो, सबसे बड़ा है भगवान तेरा नाम…, मन लागो मेरे यार फकीरी में…गीत की प्रस्तुति पर पर्यटक झूमने को मजबूर हो गए।
फोटो परिचय–सूरजकुंड–37,38,39,40,41–। बड़ी चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते गायक अनिरूद्ध आहिर और एनटीन टीम के कलाकार।
000

