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37वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्त-शिल्प मेला-
सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव धोरडो की बनावट व सजावट पर्यटकों को कर रही आकर्षित
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 07 फरवरी। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्त-शिल्प मेले में थीम स्टेट गुजरात के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव धोरडो की बनावट, सजावट व संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। पूरी दुनिया के इस महाकुंभ में इस गांव की खूब चर्चा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र के वल्र्ड टूरिज्म आर्गनाइजेशन ने इस गांव को बेस्ट टूरिज्म विलेज घोषित किया है।
गुजरात के धोरडो गांव में तीन महीने के रण उत्सव मेले का आयोजन होता है। इसी उत्सव के कारण संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) ने इसे ग्रामीण विकास, पर्यावरण के साथ संतुलित पर्यटन, और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए पहचान दी है। हरियाणा के आपणा घर के साथ बनाए गए इस गांव के मॉडल को बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया है। गुजरात के चटख रंगों से सजा यह धोरडो गांव के इस मॉडल को लेकर पर्यटकों को उत्सुकता से इसके द्वार पर लिखे परिचय को ध्यान से पढते हुए देखा जा सकता है।
यह गांव के प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को प्रदर्शित करता है। इसकी सांस्कृतिक विरासत आगंतुकों को इसकी समृद्ध कला परंपरा की एक झलक देती है। गांव की टेंट सिटी पारंपरिक भुंगा (मिट्टी की झोपड़ी) से बनी है। यहीं मिट्टी की झोंपड़ी ओर उस पर लगी लालटेन काफी आकर्षक लग रही है।
यह सम्मान उन गांवों को दिया जाता है जो ग्रामीण इलाकों के विकास और परिदृश्यों, सांस्कृतिक विविधता, स्थानीय मूल्यों और खान-पान परंपराओं के संरक्षण में अग्रणी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए इस गांव को पर्यटन के तौर पर विकसित करने की शुरुआत की थी।

फोटो परिचय–सूरजकुंड–01,02,03–। थीम स्टेट गुजरात के गांव धोरडो को देखते पर्यटक।
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-37वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-
सिर चढक़र बोल रहा मोदी जैकेट का जादू
-पर्यटकों को लुभा रहे खादी के उत्पाद
-ड्राइंग रूम की शोभा बढ़ाने के लिए छोटा चरखा भी उपलब्ध
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 07 फरवरी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वदेशी आंदोलन में जिस खादी को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था, उसी खादी का आधुनिक दौर में भी खूब क्रेज है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में खादी और ग्रामोद्योग आयोग की ओर से छोटी चौपाल के पीछे लगी स्टॉल पर खादी के दीवानों को खादी के उत्पाद अपनी ओर खींच रहे हैं।

इस स्टॉल पर देश-विदेश के पर्यटकों द्वारा मोदी जैकेट की खूब फरमाइश की जा रही है। यह जैकेट हर उम्र के पर्यटकों की पहली पसंद बन चुकी है। सभी कपड़े हाथ से कटे-बुने है। इसके अलावा यहां पर कुर्ता, पाजामा, शर्ट तौलिए तथा ग्रामोद्योग के फेसवॉश, सैंपू, अगरबत्ती, हर्बल मेहंदी, शहद व तेल सहित सैकड़ों तरह के आइटम मौजूद है।
इस स्टाल पर महात्मा गांधी का चरखा कातते हुए का बड़ा फोटो लगाया गया है। साथ ही आगंतुकों के लिए ड्राइंग रूम की शोभा बढ़ाने के लिए बहुत की कम दाम पर छोटा चरखा भी उपलब्ध है। पर्यटक इस चरखे को भी खूब पसंद कर रहे हैं।
आजकल खादी का क्रेज बढ़ता जा रहा है। लोगों के इसी क्रेज के कारण स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। सरकार भी खादी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमन्त्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना से युवाओं को उद्योग खोलने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना के माध्यम से ऋण की राशि 2 से 10 लाख रुपए तक है। योजना के माध्यम से मिलने वाले ऋण पर ग्रामीण ईलाकों में 35 प्रतिशत और शहरी ईलाकों में 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है।

फोटो परिचय–सूरजकुंड–04,05–।
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रूपा भंसाली जोधपुर से सुवेन्द्र घोष सुरकुं ड मेले में लेकर आए हैं हैंडमेड हैंड बैग
सूरजकुंड Ḥ(फरीदाबाद), 07 फरवरी। सूरजकुंड में चल रहे 37 वें अंरतराष्टïीय हस्त शिल्प मेला में इस बार मिनिस्टरी ऑफ टैक्सटाईल्स के माध्यम से जोधपुर की रूपा भंसाली कम्पनी द्वारा तैयार किए गए अलग-अलग प्रकार के हैंडमेड हैंड बैग मेला ग्राऊंड की शोभा बढाने के साथ-साथ मेले में घुमने आने वाले नागरिकों को भी बहुत भा रहे हैं।
सूरजकुंड मेले की स्टॉल नंबर-624 पर रूपा भंसाली कम्पनी की ओर से आए सुवेन्दु घोष ने बताया कि उनकी कम्पनी द्वारा छोटे-बड़े साईज के हैंड बैग तैयार किए जाते हैं, जिनकी कीमत 100 रुपए से 400 रुपए तक तय की गई है। इन बैग की सीलाई का काम मशीनों द्वारा किया जाता है और इन पर किया गया कढाई का काम हाथ द्वारा किया गया है। मेला ग्राऊंड में यह स्टाल गेट नम्बर एक से छोटी चौपाल की ओर लगाई गई है। इसी प्रकार स्टाल नम्बर-626 पर पाल हस्तशिल्प कोलकता द्वारा तैयार किए गए हैंड बैग की स्टाल लगाई गई है।

फोटो परिचय–सूरजकुंड–06–। सूरजकुंड मेले में लगाई गई हस्तशिल्प की स्टाल।
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देशी-विदेशी कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से पर्यटकों को किए रखा मंत्र मुग्ध

37वें सूरजकुंड अंतरराष्टï्रीय शिल्प मेला में कलाकार मचा रहे हैं धूम
-दर्शकों ने लगातार कलाकारों का बढाया हौसला
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 07 फरवरी। 37वें सूरजकुंड अंतरराष्टï्रीय शिल्प मेला में आज छोटी और बडी चौपाल में देशी और विदेशी कलाकारों ने शानदान प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्र मुग्ध किए रखा। इन कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शक बार-बार तालियां बजाने पर भी विवश नजर आए। प्रदेश के प्रसिद्ध हास्य कलाकार महेंद्र सिंह ने दर्शकों को हास्य व्यंग से खूब गुदगुदाया।
छोटी चौपाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज राजस्थान के कलाकारों ने प्रदेश के प्रसिद्ध चक्री लोक नृत्य से किया। इन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से राजस्थान की समृद्ध संस्कृति से रूबरू करवाया। इसके बाद माली के विदेशी कलाकारों ने शानदार नृत्य प्रस्तुत किया तथा हैरतंगेज करतबों से दर्शकों को दांतो तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। इन कलाकारों ने बिजली व पंछी नाम लोक गीतों पर शानदार नृत्य किया। हरियाणा के पडोसी प्रदेश पंजाब के कलाकारों ने प्रदेश की समृद्ध संस्कृति की झलक बिखेरते हुए शानदार भांगडा प्रस्तुत किया।
दक्षिण भारत के राज्य आंध्रप्रदेश के कलाकारों ने लंबाडी नृत्य प्रस्तुत किया। यह नृत्य महिला कलाकारों द्वारा फसल बुआई तथा फसल कटाई के अवसर पर अपनी खुशी को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। इस नृत्य में 15 से 20 महिलाएं पारंपरिक आभूषण पहनकर नृत्य करती हैं। हरियाणा के कलाकारों ने तीज-त्यौहार के उपलक्ष्य में किए जाने वाले नृत्य की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। कलाकारों ने सामण की रूत आई-सब झूमै लोग-लुगाई व झूलण ज्यांगी हे मा मेरी बाग में री गीतों पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कला एवं सांस्कृति कार्य विभाग की सांस्कृतिक अधिकारी रेणु हुड्डïा तथा पर्यटन विभाग की सरोज मान ने दीप प्रज्जवलन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके अलावा भी दिनभर देशी विदेशी कलाकारों ने शिल्प मेला में पहुंचे पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन किया।

फोटो परिचय–सूरजकुंड–07,08,09,10,11,12,13–।
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शिल्प मेला के थीम राज्य गुजरात पवैलियन में ऐशियाई शेर की प्रतिमा व सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 07 फरवरी। 37वें सूरजकुंड अंतरराष्टï्रीय शिल्प मेला में थीम राज्य गुजरात पवैलियन में गीर नेशनल पार्क के ऐशियाई शेर की प्रतिमा तथा गुजरात के आध्यात्मिक रत्न सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति मेला में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पर्यटक ऐशियाई शेर की प्रतिमा तथा सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति के साथ सेल्फियां लेते नजर आ रहे हैं।
गुजरात के गीर नेशनल पार्क में पाए जाने वाले ऐशियाई शेर को शिल्प मेला में दर्शाया गया है। ऐशियाई शेर गुजरात का प्रतीकात्मक प्राणी है, जो गीर राष्टï्रीय उद्यान में अपनी विशेष उपस्थिति के लिए पर्यावरण महारत्न के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में ऐशियाई शेरों की संख्या में आशाजनक वृद्धि दर्ज हुई है। बंगाल टाइगर और भारतीय तेंदुआ जैसे अन्य स्थानीय बिल्लियों के साथ ऐशियाई शेर वन्य जीव संरक्षण के लिए भारत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

गुजरात के आध्यात्मिक रत्न के रूप में विख्यात सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति भी शिल्प मेला में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला है। यह मंदिर अपनी जटिल नक्काशियों और भव्य शिखरों के साथ भक्ति के अद्वितीय प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर को 2000 वर्ष पहले बनाया गया था। कई आक्रमणों के बावजूद इसका पुन: निर्माण किया गया। विशेष रूप से 1947 में देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल द्वारा इसका पुन: निर्माण करवाया गया।
वर्तमान में यह मंदिर एक तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, जिसे देश के प्रथम राष्टï्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने 1951 में लोकार्पित किया था। इस मंदिर में कपार्डी विनायक और हनुमान मंदिर जैसे विभिन्न आकर्षण भी हैं। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर में जय सोमनाथ नामक मोहक ध्वनि और प्रकाश शो भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

फोटो परिचय–सूरजकुंड–14,15–।
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जेवर-फरीदाबाद राजमार्ग पर मोहना गांव में उतार-चढ़ाव को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडक़री से मिले केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर
-केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडक़री ने एनएचएआई के चेयरमैन को तकनीकी टीम व ग्रामीणों के साथ मौके का दौरा कर दो दिन में रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
-केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पत्र सौंपकर कहा, आस-पास के ग्रामीणों के लिए अति आवश्यक है इस एक्सप्रेस वे पर उतार-चढ़ाव
फरीदाबाद, 07 फरवरी। जेवर-फरीदाबाद के बीच बन रहे नए राजमार्ग-148 एनए पर मोहना गांव के पास उतार-चढ़ाव को लेकर केंद्रीय उर्जा एवं भारी उद्योग राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर बुधवार को केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडक़री से मिले। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग केंद्रीय राज्यमंत्री के सामने रखी और कहा कि आस-पास के गांवों के हजारों लोगों के लिए यह उतार-चढ़ाव अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगर यह उतार-चढ़ाव नहीं दिया जाता तो ग्रामीणों को हाईवे का प्रयोग करने के लिए करीब आठ किलोमीटर चलना पड़ेगा। समय की बचत और तेल की खपत कम करने के उद्देश्य से यह मांग की गई है।
इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि मोहना गांव के पास इस उतार-चढ़ाव के बाद ईस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेस व वेस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेस वे और जेवर-फरीदाबाद एक्सप्रेस वे तीनों का फायदा ग्रामीणों को मिलेगा। इस मुलाकात के बाद केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडक़री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन को निर्देश दिए कि वह तकनीकी टीम व किसानों के साथ मौके पर जाकर दौरा करें व फिजिबिलिटी चैक करें। उन्होंने चेयरमैन को निर्देशित करते हुए कहा कि वह दौरा कर अगले दो दिन में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आस-पास के ग्रामीणों को इस हाईवे का फायदा हो सके। उन्होंने केंद्रीय उर्जा एवं भारी उद्योग राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर को आश्वासन दिया कि किसानों व आस-पास के ग्रामीणों के हित में बेहतर कदम उठाया जाएगा।

फोटो परिचय–फरीदाबाद–16–।
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