डीसी आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में एन-कोर्ड और चिन्हित अपराध मामलों की समीक्षा बैठक संपन्न
– डीसी आयुष सिन्हा ने नशा नियंत्रण एवं चिन्हित अपराधों, अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के करने के दिए निर्देश
फरीदाबाद, 21 जनवरी।
नशा नियंत्रण एवं अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के उद्देश्य से गठित एन्कोर्ड की जिला स्तरीय बैठक आज उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा के साथ-साथ जिले में चिन्हित गंभीर अपराधों की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
डीसी आयुष सिन्हा ने बैठक में पूर्व में आयोजित एनसीओआरडी बैठकों में लिए गए निर्णयों एवं निर्देशों की क्रमवार समीक्षा की तथा संबंधित विभागों से अब तक की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा नियंत्रण और गंभीर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक के दौरान जिला औषधि अधिकारी ने जानकारी दी कि पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले के सभी मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोरों में लगे सीसीटीवी कैमरे सुचारू एवं कार्यशील पाए गए। साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों को नशीली दवाओं की बिक्री से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन करने, बिना चिकित्सकीय पर्ची के दवाइयों की बिक्री न करने तथा रजिस्टर अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डीसी आयुष सिन्हा ने निर्देश दिए कि जिले में संचालित गैर-कानूनी एवं अवैध ड्रग डी-एडिक्शन सेंटरों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे सभी सेंटर जो बिना पंजीकरण अथवा तय मानकों के विपरीत संचालित पाए जाएं, उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके उपरांत चिन्हित अपराधों के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी आयुष सिन्हा ने पुलिस विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर मामलों की गहनता से जांच कर पूरी गंभीरता के साथ तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि चिन्हित अपराधों से जुड़े मामलों में कोर्ट में जाने से पूर्व सभी आवश्यक तथ्यों, साक्ष्यों एवं जांच रिपोर्ट को पूर्ण रूप से तैयार किया जाए।
डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में पुलिस विभाग द्वारा अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में जिला प्रशासन को नियमित रूप से अवगत कराया जाए। चिन्हित अपराधों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने आदेश दिए कि अतिसंवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की देरी न करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अदालत में पेशी से पूर्व सभी साक्ष्यों एवं तथ्यों की मजबूती सुनिश्चित की जाए, जिससे पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
डीसी ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना तथा समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखना जिला प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, डीसीपी उषा कुंडू, सहित जिला न्यायवादी व सम्बंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

