माई भारत कार्यक्रम से युवाओं को मिल रहा सीमावर्ती भारत को जानने का अवसर : एडीसी अंजलि श्रोत्रिया
– प्रधानमंत्री संवाद से पूर्व उत्तराखंड के प्रथम गांव माणा की यात्रा से लौटे भारत सोलंकी ने युवाओं साथ साझा किए सीमावर्ती गांवों के प्रेरक अनुभव
– प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026’ के युवा प्रतिभागियों से किया संवाद
फरीदाबाद, 26 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के MY Bharat प्लेटफॉर्म के तहत आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026’ के 400 से अधिक युवा प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया तथा सीमावर्ती गांवों को देश का पहला गांव मानकर उनके सर्वांगीण विकास पर चर्चा की। जिला फरीदाबाद में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरान्त एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने बताया कि ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026’ का आयोजन 4 जून से 30 जून 2026 के दौरान दो चरणों में किया गया, जिसमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 सीमावर्ती जीवंत गांवों को शामिल किया गया। देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के लिए एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 3 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया और 400 से अधिक उत्कृष्ट युवाओं का चयन हुआ।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कहा कि भारत सरकार के माई भारत कार्यक्रम के माध्यम से देश के युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों, ग्रामीण परिवेश और राष्ट्र की विविध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक प्रभावी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में उन युवाओं ने भाग लिया, जिन्होंने माई भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित क्विज में सफलता प्राप्त करने के बाद देश के विभिन्न सीमावर्ती गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान कुछ जिला के युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विभिन्न राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों की संस्कृति, जीवनशैली तथा स्थानीय लोगों के साथ बिताए गए समय ने उन्हें देश की विविधता और एकता को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कि फरीदाबाद जिले से तीन विद्यार्थियों का चयन इस कार्यक्रम के लिए हुआ था। जिसमें भारत सोलंकी, अनुज ठाकुर और हेमंत शामिल है। उन्होंने कहा कि यह जिले के लिए गर्व का विषय है कि यहां के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह दूरदर्शी सोच युवाओं को देश के अंतिम छोर तक बसे गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य कर रही है। इससे युवाओं का अनुभव, ज्ञान और दृष्टिकोण व्यापक होगा तथा उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सेवा की भावना और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। इससे युवाओं में आगे बढ़ने की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा विकसित होगी और भविष्य में अधिक से अधिक विद्यार्थी इस प्रकार के राष्ट्रीय कार्यक्रमों का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित होंगे।
माई भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्रधानमंत्री के विशेष संवाद कार्यक्रम से पूर्व युवा प्रतिभागी भारत सोलंकी ने कहा कि यह पहल युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों के जीवन, संस्कृति और विकास को करीब से समझने का अनूठा अवसर देती है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के चमोली जिले के भारत के प्रथम गांव माणा का भ्रमण कर वहां की संस्कृति, जीवनशैली, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय लोगों के रहन-सहन को नजदीक से देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि स्थानीय महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित शॉल एवं अन्य उत्पाद बनाकर स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण है। इस कार्यक्रम से युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, जागरूकता और सेवा की भावना भी मजबूत होती है।
भारत सोलंकी ने बताया कि स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें गांव में सड़क, इंटरनेट, डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं के विस्तार की जानकारी मिली, जिससे लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ संवाद में सभी प्रतिभागियों ने सीमावर्ती गांवों के विकास, संस्कृति और स्थानीय जीवन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उनके अनुसार यह संवाद युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा और ऐसे कार्यक्रम व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता तथा व्यापक दृष्टिकोण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे अधिक से अधिक युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे।
इस अवसर पर फरीदाबाद एसडीएम डॉ हनी बंसल, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल, युवा अधिकारी प्रियंका मलिक सहित मई युवा भारत के वालंटियर मौजूद रहे।

