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पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने पर कम होंगे दाम? जानें जीएसटी नेटवर्क पैनल के हेड सुशील मोदी की राय

पटना: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफा के बाद अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या पेट्रोलियम को जीएसटी के दायरे में लाने से इसके दाम कम होंगे? केंद्र सरकार के ही कुछ मंत्री यह बोल रहे हैं कि अगर पेट्रोलियम को जीएसटी के अंदर ला दिया गया, तो इसकी कीमतों में कम होगा, मगर बिहार के उपमुख्यमंत्री और जीएसटी नेटवर्क समिति के प्रमुख सुशील कुमार मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों के ऐसे दावों को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने से इनके दाम कम करने के मामले में कोई ज्यादा असर नहीं होगा.

जीएसटी नेटवर्क समिति के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे सुशील मोदी ने कहा , ‘यह गलत धारणा (लोगों में) है कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने से उसकी कीमत में उल्लेखनीय कमी आएगी. इस कदम से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी लाने के संदर्भ में मामूली प्रभाव ही पड़ेगा.’

सुशील मोदी ने कहा , ‘जीएसटी व्यवस्था के तहत दुनिया भर में ऐसी व्यवस्था है कि राज्य सबसे ऊंची जीएसटी दर के ऊपर भी कर लगाते हैं. जहां भी जीएसटी लागू हुआ है , वहां यही व्यवस्था अपनाई जाती है.’

सुशील मोदी राज्य स्तरीय बैंकरों की समिति (एसएलबीसी) की 64 वीं तिमाही बैठक की समीक्षा के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर रही है?

बिहार के वित्त मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सुशील मोदी ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के बारे में जीएसटी परिषद विचार करेगी. उन्होंने कहा , ‘जीएसटी परिषद में इसको लेकर सहमति है कि जब तक जीएसटी व्यवस्था स्थिर नहीं हो जाती पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जाएगा.’ जीएसटी पिछले साल एक जुलाई से प्रभाव में आया है.

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