झारखंड: खूंटी गैंगरेप मामले में पार हुई थी दरिंदगी की हद, पुलिस ने 2 को किया गिरफ्तार
झारखंड के खूंटी गैंगरेप मामले की गुत्थी अब सुलझती नजर आ रही है. मंगलवार को झारखंड के खूंटी जिले में एक नुक्कड़ नाटक के मंचन के दौरान पांच महिलाओं को अगवा कर उनके साथ गैंगरेप किये जाने के मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है. शनिवार को राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस बात की घोषणा की. गैंगरेप को लेकर सीनियर पुलिस ऑफिसर एडीजी आरके मलिक ने कहा कि 6 में से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है. बता दें कि खूंटी के एक एनजीओ की टीम मानव तस्करी के ख़िलाफ़ नाटक कर रही थी, जिस दौरान इन्हें अगवा कर इनके साथ गैंगरेप के वारदात को अंजाम दिया.
घटना की विस्तार जानकारी जब सामने आई, तो वाकया काफी हैरान करने वाला और डरावना था. बलात्कारियों ने न सिर्फ गैंगरेप किया, बल्कि हैवानियत की सारी हदें पार कर दी. गैंगरेप करने के बाद वे महिलाओं पर जुल्म ढाते रहे. हैवानियत की हद तो तब पार हो गई, जब रेप करने के बाद भी उन हैवानों ने महिलाओं के शरीर के अंदर लकड़ी, पिस्टल आदि डाले. इस खौफनाक हादसे की आपबीती एक महिला ने स्थानीय अखबार दैनिक भास्कर को बताया.
एडीजी मलिक ने उन लोगों के बारे में कहा कि यह सिर्फ यह जुनून का अपराध नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों ने घटना के वीडियो भी बनाए और तस्वीरें भी लीं. उन्होंने कहा कि यह उन्हें एक सबक सिखाने की साजिश थी.
झारखंड के एडीडी आरके मलिक ने कहा कि ‘फादर अल्फोंस ने नन को छोड़ने को कहा तो उन्होंने उसे छोड़ दिया. मगर जब पीड़िता ने गुहार लगाई तो फादर ने कहा कि जाओ ये लोग थोड़ी देर में छोड़ देंगे. उसके बाद ये 6 लोग इन्हें जंगल की ओर ले गये. तीन लोगों ने और सदस्यों को गाड़ी में रोके रखा, और तीन लोगों ने इन सभी पीड़िताओं के साथ बलात्कार किया, तस्वीरें उतारी, वीडियो भी बनाया.
