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पासवान ने अदालत के ‘ऐतिहासिक’ फैसले पर विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाए

केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने आज अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण की अनुमति देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश पर विपक्ष की ‘‘ चुप्पी ’’ पर सवाल उठाए।

पासवान ने कहा कि मोदी सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन समुदायों के खिलाफ अत्याचार की रोकथाम वाले कानून के वास्तविक प्रावधान बहाल हों।

लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी दल दलित मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ ‘‘ विरोध करने में कोई कसर नहीं छोड़ते ’’ लेकिन अब उन्होंने कल शीर्ष अदालत के ‘‘ ऐतिहासिक ’’ फैसले पर चुप्पी साध ली है।

पासवान ने कहा , ‘‘ वे चुप क्यों हैं ? उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे अदालत के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हैं , जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से आने वाले सरकारी कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचेगा। ’’

केन्द्र को बड़ी राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने उसे ‘‘ कानून के अनुरूप ’’ अजा , अजजा कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने की अनुमति दी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए पासवान ने कहा कि उन्होंने इस मामले में प्रयास किये जिससे अदालत की अवकाश पीठ ने इस मामले पर विचार किया।

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