स्वराज ने लाओस के प्रधानमंत्री थॉन्गलोन सिसोलिथ के साथ की द्विपक्षीय वार्ता
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को यहां लाओस के प्रधानमंत्री थॉन्गलोन सिसोलिथ से मुलाकात की। दोनों के बीच द्धिपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने समेत कई अन्य मुद्दों पर बातचीत हुई। दोनों ने राजनीतिक स्तर पर बातचीत और व्यापार एवं निवेश बढ़ाकर आपसी संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि स्वराज ने सिसोलिथ को विश्वास दिलाया कि विकास और वृद्धि के लिए भारत लाओस के साथ मजबूती से खड़ा है। लाओस में बुनियादी संरचना, सड़क, कृषि एवं सिंचाई, सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन एवं अन्य क्षेत्रों के विकास में मदद के लिए वह रियायती ऋण उपलब्ध कराएगा।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘दोनों इस बात पर सहमत थे कि भारत और लाओस के द्विपक्षीय रिश्ते काफी बेहतर है जिन्हें और मजबूत करने की आवश्यकता है।’’
इससे पहले स्वराज ने अपने समकक्ष सालेमएक्से कोम्मासिथ से भी द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत की। दोनों के बीच रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हुई।
स्वराज दो दिन की लाओस की यात्रा पर हैं। वह यहां कोम्मासिथ के साथ नौंवी ‘संयुक्त आयोग की बैठक’ में भाग लिया। दोनों नेताओं ने इस दौरान आपसी गठबंधन और साझेदारी को और मजबूत करने की रुपरेखा पर सहमति जताई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि दोनों मंत्रियों के बीच कृषि, व्यापार और निवेश, रक्षा, शिक्षा, संस्कृति, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई।
उन्होंने ट्वीट किया कि दोनों नेताओं की बैठक के दौरान हुई बातचीत काफी रचनात्मक रही।
कुमार ने कहा, ‘‘स्वराज ने लाओस में विकास की जरूरतें पूरा करने के लिए भारत के अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करने का प्रस्ताव दिया। इसके साथ ही भारत की ओर से लोआस को उपलब्ध कराई जाने वाली रिण सुविधा का प्रस्ताव 25 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया।’’
बृहस्पतिवार को स्वराज ने यहां भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।

