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प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य व राहत व्यवस्थाएँ पूरी तरह तैयार : डीसी

– ओखला व हथनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी पर प्रशासन की नजर

– फील्ड विजिट में एसडीएम अमित कुमार, मयंक भारद्वाज व अन्य विभागीय अधिकारी रहे मौजूद

ग्रामीणों से मिले सीएमओ, जल जनित बीमारियों पर लिया फीडबैक

फरीदाबाद,16 अगस्त।
यमुना किनारे बसे बसंतपुर गांव के डूब क्षेत्र में सम्भावित बाढ़ का खतरे की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह के निर्देश पर विभिन्न विभागों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण बसंतपुर गांव के डूब क्षेत्र में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हुई। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीसी विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज ने राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग, पुलिस प्रशासन, नगर निगम तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आज मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली।

डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा प्राप्त की गयी रिपोर्ट के अनुसार बसंतपुर और इस्माइलपुर आवासीय क्षेत्र तथा किडावली और लालपुर कृषि क्षेत्र जल प्रभाव से प्रभावित हुए हैं। बसंतपुर और इस्माइलपुर में लगभग 0-1 फीट तक पानी देखा गया है, जबकि 50 घरों में जल स्तर 1 फीट से अधिक दर्ज किया गया। वहीं, कृषि क्षेत्रों में जहाँ पानी का बहाव बहुत कम है या स्थिर हो चुका है, लगातार निगरानी की जा रही है। वही, अगस्त शाम 5 बजे से 16 अगस्त शाम 5 बजे तक ओखला हेड पर अधिकतम 50, 273 क्यूसेक पानी का निर्वहन दर्ज किया गया। स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में लगातार घोषणाएँ कर रही है और मौके पर डटी हुई है। पर्याप्त संसाधन जैसे कर्मचारी, मशीनरी, खाली सीमेंट बैग, सुतली, बल्ली, कस्सी, मजदूर, लाइफ जैकेट, रस्सी, टॉर्च और जेसीबी आदि बैकअप के रूप मे सुनिश्चित किए गए हैं।

डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि ओखला व हथनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संबंधित विभागों को अपडेट प्राप्त करने तथा उसे तत्काल प्रशासन के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जलस्तर अब धीरे-धीरे घट रहा है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि स्थिति काबू में है।

निगरानी जारी,स्थिति काबू में होने के संकेत-डीसी
डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि खतरे की कोई संभावना नहीं है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल स्वास्थ्य टीमों को तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं, वहीं सभी संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त और निगरानी रखने के लिए तैनात किया गया है।

ग्रामीणों से मिले सीएमओ, जल जनित बीमारियों पर लिया फीडबैक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. जयंत आहूजा ने आज बसंतपुर गांव का दौरा कर स्थानीय निवासियों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने जलभराव से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं और जल जनित बीमारियों की स्थिति का जायजा लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को नियमित विजिट, पानी की गुणवत्ता जांचने तथा आवश्यक दवाइयों व ओआरएस का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए। डॉ. आहूजा ने ग्रामीणों से स्वच्छता बनाए रखने, दूषित पानी से बचने और बीमारी के लक्षण पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने बताया कि गांव में मोबाइल हेल्थ टीम तैनात है, जो तुरंत स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी।

जिला प्रशासन ने ग्रामवासियों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध हैं।

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