सचिन तेंदुलकर की इस ‘अहम सलाह’ को ब्रेट ली ने किया खारिज
ऑस्ट्रेलियाई सीमर ब्रेट ली को भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर का कुछ दिन पहले तेज गेंदबाजों के समथर्न में दिया गया बयान बिल्कुल भी नहीं भाया है. कुछ दिन पहले ही सचिन तेंदुलकर ने अप्रत्यश रूप से वनडे क्रिकेट में दो गेंदों के इस्तेमाल की आलोचना की थी. सचिन के बयान के बाद से आईसीसी की तरफ से तो इस बाबत अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन अब ब्रेट ली को सचिन की यह आलोचना या अप्रत्यक्ष रूप से दिया गया सुझाव पसंद नहीं आया है. भारतीय टेलीविजन का एक लोकप्रिय चेहरा रहने वाले ली ने यह भी कहा कि वह वनडे क्रिकेट को वापस उसी स्थिति में देखना चाहते हैं, जब 250 से 280 के स्कोर को प्रतिस्पर्धी स्कोर माना जाता था. दरअसल सचिन तेंदुलकर सहित सौरव गांगुली ने कुछ दिन पहले वनडे में दो गेंदों के इस्तेमाल को लेकर नकारात्मक टिप्पणियां की थीं, तो उसके पीछे ठोस वजह थी. कारण यह था कि इस माह की शुरुआत में इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच में छह विकेट के नुकसान पर 481 रन बनाए थे. इसी वजह से सचिन की हमदर्दी तेज गेंजबाजों के लिए उमड़ पड़ी थी. लेकिन थोड़ा चौंकाने वाली बात यह है कि बेहतरीन गेंदबाजों में शुमार रहे ब्रेट ली इस पीड़ा को नहीं समझ पा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज ब्रेट ली का कहना है कि वनडे प्रारूप में दोनों छोर से नई गेंदों के इस्तेमाल से गेंदबाजों को मदद मिलती है. ली का कहना है कि 50 ओवरों वाले प्रारूप में दो गेंदों का इस्तेमाल बड़ा मुद्दा नहीं है. ली ने कहा कि गेंदबाजों को केवल विकेट चाहिए. उन्हें उस पिच पर भी विकेट लेने होंगे, जिसमें बल्लेबाज आसानी से 400 रन बना रहे हैं या 450 का स्कोर खड़ा कर पा रहे हैं. मुझे अब भी लगता है कि 250-280 का स्कोर सबसे ज्यादा है. ली ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वनडे में एक या दो गेंदों के इस्तेमाल से कोई मुद्दा खड़ा हो सकता है. दो नई गेंदों का होना वनडे प्रारूप में गेंदबाजों को मदद दे सकता है. ध्यान दिला दें कि कुछ दिन पहले ही सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि वनडे में दो नई गेंदों के इस्तेमाल से रिवर्स स्विंग गायब हो गई है. और इस बात ने तेज गेंदबाजों को काफी नुकसान पहुंचाया है. तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा वनडे में दो गेंदों के इस्तेमाल के नियम को इस प्रारूप को बिगाड़ने की पहल करार दिया था.

