अगर विराट कहता है उसके रन मायने नहीं रखते तो वह झूठ बोल रहा है: एंडरसन
लंदन , 23 जुलाई : विराट कोहली को लगता है कि ‘ जब तब भारत जीत रहा है तब तक अगर वह रन नहीं बनाते तो यह मायने नहीं रखता ’ लेकिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ जेम्स एंडरसन ने कहा कि अगर भारतीय कप्तान यह कहता है कि एक अगस्त से शुरू हो रही पांच टेस्ट की श्रृंखला में व्यक्तिगत फार्म मायने नहीं रखेगी तो वह झूठ बोल रहा है।
पीटीआई के साथ विशेष साक्षात्कार के दौरान जब एंडरसन से कोहली के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा , ‘‘ वह रन बनाए या नहीं यह मायने नहीं रखता ? मुझे लगता है कि वह झूठ बोल रहा है। ’’
कोहली को 2014 में यहां रन बनाने के लिए जूझना पड़ा था और वह पांच टेस्ट में 134 रन ही बना पाए थे जो टेस्ट क्रिकेट में उनके सबसे खराब प्रदर्शन में से एक है।
कोहली हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ 2016-17 की घरेलू श्रृंखला के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ भारत की 4-0 की जीत के दौरान पांच टेस्ट में 655 रन बनाने में सफल रहे थे।
मौजूदा दौरे की शुरुआत में कोहली ने अपनी फार्म को लेकर किए सवाल को हंसी में टालते हुए कहा था कि वह यहां खेलने का लुत्फ उठाना चाहते हैं और जब तक टीम अच्छा कर रही है तब तक वह अपनी व्यक्तिगत फार्म को लेकर चंतित नहीं हैं।
एंडरसन ने कहा , ‘‘ भारत में यहां जीतने के लिए बेशक यह मायने रखता है। विराट अपनी टीम के लिए रन बनाने के लिए बेताब होगा , जैसा कि आप कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी में से एक से उम्मीद करते हो। ’’
इस 35 वर्षीय तेज गेंदबाज का कोहली के खिलाफ रिकार्ड शानदार है। उन्होंने 2014 के दौरे में छह पारियों में चार बार कोहली को आउट किया था। कुल मिलाकर टेस्ट मैचों में एंडरसन कोहली को पांच बार आउट कर चुके हैं।
एंडरसन को हालांकि 2016 के भारत दौरे के दौरान जूझना पड़ा था और वह तीन टेस्ट में चार विकेट ही हासिल कर पाए थे।
एंडरसन ने कहा , ‘‘ आज क्रिकेटर मैच फुटेज देखकर ही नहीं बल्कि अतीत के अनुभव से भी सीखते हैं। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि कोहली के स्तर के बल्लेबाज ने यहां पिछली श्रृंखला (2014 में) से सीखा होगा। ’’
उन्होंने कहा , ‘‘ मुझे यकीन है कि वह अपने खेल के विशिष्ट पहलुओं पर कड़ी मेहनत कर रहा होगा और इससे उसके तथा सिर्फ मेरे ही नहीं बल्कि उसके और हमारे बाकी गेंदबाजों के बीच संघर्ष काफी रोमांचक होगा। ’’
इंग्लैंड में फिलहाल काफी गर्मी है और आगामी श्रृंखला में हालात भारत के अधिक अनुकूल हो सकते हैं।
कोहली ने मौजूदा दौरे पर छह सीमित ओवरों की पारियों में 60 .2 की औसत से 301 रन बनाए हैं। भारत ने टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीती जबकि इंग्लैंड ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला इसी अंतर से अपने नाम की। कोहली ने एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान दो अर्धशतक जड़े (नाटिंघम में 75 और लीड्स में 71) जो दर्शाता है कि वह अच्छी फार्म में हैं।
एंडरसन से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा , ‘‘ इसका जवाब देना काफी मुश्किल है क्योंकि आपको लगता है कि लाल गेंद अधिक स्विंग करती है और अधिक सीम होती है लेकिन ऐसा नहीं है। ’’
उन्होंने कहा , ‘‘ विराट जैसा बल्लेबाज गेंद को इतनी देर से खेलता है कि उसके पास बहुत समय होता है और लगता है कि आप धीमे गेंदबाज हो। कभी कभी सफेद गेंद के क्रिकेट में जब बल्लेबाज लाल गेंद के क्रिकेट की तुलना में अधिक आक्रामक होने का प्रयास करता है तो आप अधिक मौके बना सकते हो। कुल मिलाकर कुछ कहना मुश्किल है। ’’
एबी डिविलियर्स के संन्यास लेने , स्टीव स्मिथ के एक साल के प्रतिबंध और न्यूजीलैंड के सर्दियों के कारण केन विलियमसन के ब्रेक के बाद इस गर्मियों में फार्म में चल रहे दो बल्लेबाजों कोहली और इंग्लैंड के जो रूट के बीच रनों की जगह रोमांचक होगी।
इन सभी को गेंदबाजी कर चुके एंडरसन से जब फिलहाल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज को चुनने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा , ‘‘ ईमानदारी से कहूं तो मुझे इनमें से किसी को भी गेंदबाजी करना पसंद नहीं है। ’’
उन्होंने कहा , ‘‘ इनमें से किसी एक को चुनना मुश्किल है क्योंकि वे सभी अपने अपने तरीके से अलग हैं। उनमें काफी विशेषताएं हैं। जो चीजें उन्हें दुनिया के अन्य बल्लेबाजों से ऊपर रखती है वह खेल के विभिन्न प्रारूप में सामंजस्य बैठाना है। ’’

