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महाराष्ट्र सरकार की किसानों को मांग आधारित पशुधन, मत्स्य पालन के लिए तालाब उपलब्ध कराने की योजना

किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार मत्स्य पालन के लिए उन्हें तालाब उपलब्ध कराने और पशुधन इत्यादि देने की योजना पर विचार कर रही है। इसे वह मांग के आधार पर उपलब्ध कराने का सोच रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की बैठक में कल इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
विभाग जल्द ही इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल के सामने भी पेश करेगा।‘पशुधन योजना’ के तहत मांग करने पर किसानों को कुक्कुट, बकरी और दुधारू पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस योजना को ग्राम स्तर पर लागू किया जाएगा।
इसी प्रकार ‘मगेल ताल्या मत्स्य ताले’ (मत्स्य पालन के लिए तालाब) योजना को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लागू किया जाएगा।
विभाग के एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मत्स्य विभाग बीज और खाद्य उपलब्ध कराएगा।’’ उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य के किसानों को लाभ के साथ ही दैनिक आधार पर राज्य के 4.5 करोड़ रुपये बचाने में भी मदद मिलेगी। अभी राज्य गुजरात से दूध, तेलंगाना से अंडे और पश्चिम बंगाल से मत्स्य बीज मंगाता है।सूत्र ने कहा कि दूध का उत्पादन अधिक होने के बावजूद गुजरात का अमूल ब्रांड यहां बहुत बिकता है। हमारी योजना राज्य के खुद के ब्रांड ‘आरे’ और ‘महानंदा’ को बढ़ावा देने की है।

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