मथुरा में फर्जी शिक्षक भर्ती का भंडाफोड़, 4 लिपिक, 3 दलाल एवं 9 फर्जी शिक्षक गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने मथुरा में फर्जी तरीके से शिक्षकों की भर्ती कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इसमें बीएसए कार्यालय में तैनात मास्टर माइंड क्लर्क और कम्प्यूटर ऑपरेटरों सहित कुल 16 लिपिकों-शिक्षकों-दलालों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में एसटीएफ ने देर रात थाना कोतवाली में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीएसए कार्यालय के लिपिकों और कम्प्यूटर आपरेटरों ने मिलकर एक-एक फर्जी नियुक्ति के एवज में 10 से 15 लाख रुपए तक वसूले। इसके लिए वे खुद ही जरूरी कागजात तैयार कर लेते थे. एसटीएफ ने आगे की जांच के लिए मथुरा का बीएसए कार्यालय सील कर दिया है. एसटीएफ ने प्रारंभिक जांच के दौरान पकड़े गए लोगों से चार लाख रुपए नकद, पांच मोबाइल फोन, एक कम्प्यूटर एवं फर्जी रूप से तैयार किए गए तमाम कागजात बरामद किए हैं. इस फर्जीवाड़े का सरगना बीएसए कार्यालय में शिक्षकों की भर्ती एवं अन्य मामले देख रहा लिपिक महेश शर्मा है. कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर शिवप्रताप सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, “गिरफ्तार किए गए लोगों में फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड महेश शर्मा, उसके साथी कर्मचारी मोहित भारद्वाज, ऱाधाकृष्ण, दलाल शिक्षक चेतन, सुभाष, रवेंद्र, पुष्पेंद्र व शिक्षकगण मनीष कुमार शर्मा, देवेंद्र सिकरवार, विंदेश कुमार, दीपकरन, मनोज कुमार वर्मा, तेजवीर सिंह आर्य, योगेंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह आदि हैं.” .

