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इंग्लैंड के 1000वें टेस्ट में भारत की नजरें जीत के साथ आगाज पर

इंग्लैंड के खिलाफ कल से शुरू हो रही पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भारतीय टीम विदेश दौरों पर खराब प्रदर्शन का ठप्पा हटाने के इरादे से उतरेगी जबकि मेजबान की नजरें अपनी सरजमीं पर पांच दिनी क्रिकेट में खोया फार्म हासिल करने पर लगी होंगी । इंग्लैंड का यह 1000वां टेस्ट होगा लेकिन दुनिया की नंबर एक भारतीय टीम उसके रंग में भंग डाल सकती है ।भारत ने आखिरी बार राहुल द्रविड़ की अगुवाई में 2007 में इंग्लैंड में टेस्ट श्रृंखला जीती थी । विराट कोहली की टीम के लिये उसे सफलता को दोहरा पाना आसान नहीं होगा । महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम 2011 और 2014 में क्रमश: 4 . 0 और 3 . 1 से हारी । भारत ने इंग्लैंड में 57 में से छह टेस्ट ही जीते हैं ।इंग्लैंड का पिछला फार्म भी चिंता का सबब है । सितंबर 2017 के बाद से इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ नौ में से एक ही टेस्ट जीता है । पिछले पांच घरेलू टेस्ट में उसे वेस्टइंडीज और पाकिस्तान ने हराया । दोनों टीमों ने बल्लेबाजी में जो रूट , जानी बेयरस्टा और एलेस्टेयर कुक पर उसकी अत्यधिक निर्भरता का फायदा उठाया ।दूसरी ओर भारतीय टीम ने यहां छह में से तीन जीत 2002 के बाद दर्ज की है । भारत के सहायक कोच संजय बांगड़ उस टेस्ट टीम का हिस्सा थे जिसने सौरव गांगुली की अगुवाई में लीड्स पर जीत दर्ज की थी । विकेटकीपर दिनेश कार्तिक 2007 की टीम में थे । कप्तान विराट कोहली 2011 में और तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा 2014 में यहां दौरा कर चुके हैं ।भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका दौरे की की गई गलतियों से बचना होगा । उस समय टीम प्रबंधन ने अजिंक्य रहाणे पर रोहित शर्मा को तरजीह दी थी । इस बार के एल राहुल भी चयन के दावेदार है लेकिन कोहली और कोच रवि शास्त्री ने कहा है

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