रूस के साथ रक्षा सौदे को लेकर भारत पर प्रतिबंध नहीं लगाए अमेरिका: अमेरिकी सांसद
अमेरिकी सांसदों और विशेषज्ञों ने चेताया है कि नए कानून के तहत रूस के साथ रक्षा सौदे को लेकर यदि अमेरिका द्वारा भारत पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाया जाता है तो यह दोनों देशों के संबंधों के लिए द्यातक होगा। भारत की योजना रूस से एस -400 हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली खरीदने की है।
अमेरिका में अगस्त , 2017 में नया प्रतिबंध कानून ( सीएएटीएसए ) बना है , जो इस साल जनवरी से लागू हुआ। इस कानून के तहत ट्रंप प्रशासन उन इकाइयों को दंडित कर सकता है जिनका रूस के साथ रक्षा और खुफिया क्षेत्र में उल्लेखनीय लेनदेन है।
कैपिटल हिल में एक कार्यक्रम में विशेषज्ञों और सांसदों ने आगाह किया कि यदि भारत पर किसी तरह के प्रतिबंध लगाए जाते हैं , तो यह द्विपक्षीय संबंधों की दृष्टि से घातक होगा। इस तरह की किसी स्थिति को रोकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत अब अमेरिका का प्रमुख रक्षा भागीदार है। ऐसे में इस तरह की किसी स्थिति से बचने की जरूरत है।
सांसद जोए क्राउले ने यहां अमेरिका भारत दोस्ती पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा , ‘‘ मेरा मानना है कि सीएएटीएसए एक गंभीर मुद्दा है और इससे निपटने की जरूरत है। अमेरिका और भारत के बीच बातचीत की जरूरत है। हमारा लक्ष्य भारत पर प्रतिबंध नहीं लगाने का होना चाहिए। ’’
हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रूस इस समय जैसे कुछ देशों के खिलाफ अस्थिरता वाली गतिविधियों को अंजाम दे रहा है , उसके मद्देनजर उस पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है। ‘‘ लेकिन जब तीसरे पक्ष करार की बात आती है तो मेरा मानना है कि अमेरिका और भारत में बातचीत होनी चाहिए। ’’
भारत की रूस से पांच एस -400 प्रणालियों की खरीद के लिए बातचीत अग्रिम चरण में है। यह सौदा करीब 4.5 अरब डॉलर का होगा।

